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- कोटक महिंद्रा बैंक के शाखा प्रबंधक और पूर्व कर्मचारी पर धोखाधड़ी की एफआईआर, न्यायालय के आदेश पर घोरावल पुलिस का बड़ा एक्शन

सोनभद्र। राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइंस रोड पर संचालित कोटक महिंद्रा बैंक के शाखा प्रबंधक और बैंक के एक पूर्व कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। घोरावल कोतवाली पुलिस ने यह दंडात्मक कार्रवाई पीड़ित की याचिका पर न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के अनुपालन में की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से बैंकिंग क्षेत्र और स्थानीय उपभोक्ताओं के बीच हड़कंप मच गया है।

घोरावल थाना क्षेत्र के कनेटी गांव निवासी पीड़ित कल्लू द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उन्होंने अपने एक पुराने ट्रैक्टर को राॅबर्ट्सगंज स्थित अग्रवाल ट्रैक्टर एजेंसी में एक्सचेंज (बदलकर) कर नया ट्रैक्टर खरीदा था। इस नए ट्रैक्टर की खरीद के लिए कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा से कुल 5.09 लाख रुपये का लोन (फाइनेंस) स्वीकृत हुआ था।

लोन एग्रीमेंट की शर्तों के मुताबिक, पीड़ित को हर महीने निर्धारित किस्त की राशि बैंक में जमा करनी थी। लोन प्रक्रिया के दौरान पीड़ित का परिचय मिर्जापुर जिले के मदनपुर (गोपालपुर) निवासी शिवशंकर उपाध्याय से कराया गया, जिसे बैंक का कलेक्शन ऑफिसर बताया गया और पीड़ित को हिदायत दी गई कि लोन की सभी किस्तें उसी के माध्यम से जमा की जानी हैं। पीड़ित का दावा है कि वह पूरी ईमानदारी के साथ हर महीने समय पर अपनी किस्तें अदा करता आ रहा था।

मामले में नया मोड़ तब आया जब जुलाई 2024 में पीड़ित की कुछ किस्तें बकाया रह गईं। इस दौरान कलेक्शन ऑफिसर शिवशंकर उपाध्याय पीड़ित के घर पहुंचा और उसने झांसा दिया कि उसकी इस संबंध में बैंक प्रबंधक से बात हो चुकी है। यदि पीड़ित बकाया और अवशेष रकम को एकमुश्त (एक साथ) जमा कर देता है, तो बैंक की ओर से उसे तत्काल लोन चुकता होने का ‘अदेय प्रमाणपत्र’ (एनओसी) जारी कर दिया जाएगा।

बैंक कर्मी की बातों पर पूरा भरोसा करते हुए पीड़ित ने अपनी जमीन बंधक रखकर भारी मुश्किल से 1.24 लाख रुपये का इंतजाम किया और जुलाई में ही उसे सौंप दिए। आरोपी ने भरोसा दिया था कि सितंबर के पहले सप्ताह तक उसे बैंक से एनओसी मिल जाएगी। जब पीड़ित ने निर्धारित समय के अनुसार 7 सितंबर 2024 को उससे संपर्क साधने की कोशिश की, तो आरोपी का मोबाइल नंबर लगातार स्विच ऑफ आने लगा।

ठगी का अहसास होने पर जब पीड़ित ने सिविल लाइंस रोड स्थित कोटक महिंद्रा बैंक की मुख्य शाखा में जाकर मामले की पड़ताल की, तो वहां मौजूद स्टाफ ने उसे मौजूदा कलेक्शन मैनेजर कृष्णा शुक्ला से मिलने को कहा। कलेक्शन मैनेजर ने पीड़ित को चौंकाने वाली जानकारी देते हुए बताया कि उसके द्वारा दी गई एकमुश्त रकम बैंक के खाते में दर्ज ही नहीं है और शिवशंकर उपाध्याय पहले ही बैंक की नौकरी छोड़ चुका है।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने बैंक प्रबंधन से सवाल किया कि कर्मचारी के नौकरी छोड़ने की आधिकारिक सूचना उसे समय पर क्यों नहीं दी गई, तो जिम्मेदार अधिकारी भड़क गए और पीड़ित को उसका ट्रैक्टर सीज करने तथा घर नीलाम कराने की सीधी धमकी देने लगे।

घोरावल कोतवाली प्रभारी बृजेश सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित की तहरीर और न्यायालय से प्राप्त निर्देश के आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक के शाखा प्रबंधक और संबंधित पूर्व कलेक्शन ऑफिसर शिवशंकर उपाध्याय के खिलाफ सुसंगत धाराओं में धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और पुलिस टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है।



































