कोटक महिंद्रा बैंक के शाखा प्रबंधक और पूर्व कर्मचारी पर धोखाधड़ी की एफआईआर, न्यायालय के आदेश पर पुलिस का बड़ा एक्शन

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  • कोटक महिंद्रा बैंक के शाखा प्रबंधक और पूर्व कर्मचारी पर धोखाधड़ी की एफआईआर, न्यायालय के आदेश पर घोरावल पुलिस का बड़ा एक्शन

सोनभद्र। राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइंस रोड पर संचालित कोटक महिंद्रा बैंक के शाखा प्रबंधक और बैंक के एक पूर्व कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। घोरावल कोतवाली पुलिस ने यह दंडात्मक कार्रवाई पीड़ित की याचिका पर न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के अनुपालन में की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से बैंकिंग क्षेत्र और स्थानीय उपभोक्ताओं के बीच हड़कंप मच गया है।

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घोरावल थाना क्षेत्र के कनेटी गांव निवासी पीड़ित कल्लू द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उन्होंने अपने एक पुराने ट्रैक्टर को राॅबर्ट्सगंज स्थित अग्रवाल ट्रैक्टर एजेंसी में एक्सचेंज (बदलकर) कर नया ट्रैक्टर खरीदा था। इस नए ट्रैक्टर की खरीद के लिए कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा से कुल 5.09 लाख रुपये का लोन (फाइनेंस) स्वीकृत हुआ था।

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लोन एग्रीमेंट की शर्तों के मुताबिक, पीड़ित को हर महीने निर्धारित किस्त की राशि बैंक में जमा करनी थी। लोन प्रक्रिया के दौरान पीड़ित का परिचय मिर्जापुर जिले के मदनपुर (गोपालपुर) निवासी शिवशंकर उपाध्याय से कराया गया, जिसे बैंक का कलेक्शन ऑफिसर बताया गया और पीड़ित को हिदायत दी गई कि लोन की सभी किस्तें उसी के माध्यम से जमा की जानी हैं। पीड़ित का दावा है कि वह पूरी ईमानदारी के साथ हर महीने समय पर अपनी किस्तें अदा करता आ रहा था।

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मामले में नया मोड़ तब आया जब जुलाई 2024 में पीड़ित की कुछ किस्तें बकाया रह गईं। इस दौरान कलेक्शन ऑफिसर शिवशंकर उपाध्याय पीड़ित के घर पहुंचा और उसने झांसा दिया कि उसकी इस संबंध में बैंक प्रबंधक से बात हो चुकी है। यदि पीड़ित बकाया और अवशेष रकम को एकमुश्त (एक साथ) जमा कर देता है, तो बैंक की ओर से उसे तत्काल लोन चुकता होने का ‘अदेय प्रमाणपत्र’ (एनओसी) जारी कर दिया जाएगा।

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बैंक कर्मी की बातों पर पूरा भरोसा करते हुए पीड़ित ने अपनी जमीन बंधक रखकर भारी मुश्किल से 1.24 लाख रुपये का इंतजाम किया और जुलाई में ही उसे सौंप दिए। आरोपी ने भरोसा दिया था कि सितंबर के पहले सप्ताह तक उसे बैंक से एनओसी मिल जाएगी। जब पीड़ित ने निर्धारित समय के अनुसार 7 सितंबर 2024 को उससे संपर्क साधने की कोशिश की, तो आरोपी का मोबाइल नंबर लगातार स्विच ऑफ आने लगा।

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ठगी का अहसास होने पर जब पीड़ित ने सिविल लाइंस रोड स्थित कोटक महिंद्रा बैंक की मुख्य शाखा में जाकर मामले की पड़ताल की, तो वहां मौजूद स्टाफ ने उसे मौजूदा कलेक्शन मैनेजर कृष्णा शुक्ला से मिलने को कहा। कलेक्शन मैनेजर ने पीड़ित को चौंकाने वाली जानकारी देते हुए बताया कि उसके द्वारा दी गई एकमुश्त रकम बैंक के खाते में दर्ज ही नहीं है और शिवशंकर उपाध्याय पहले ही बैंक की नौकरी छोड़ चुका है।

पीड़ित का आरोप है कि जब उसने बैंक प्रबंधन से सवाल किया कि कर्मचारी के नौकरी छोड़ने की आधिकारिक सूचना उसे समय पर क्यों नहीं दी गई, तो जिम्मेदार अधिकारी भड़क गए और पीड़ित को उसका ट्रैक्टर सीज करने तथा घर नीलाम कराने की सीधी धमकी देने लगे।

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घोरावल कोतवाली प्रभारी बृजेश सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित की तहरीर और न्यायालय से प्राप्त निर्देश के आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक के शाखा प्रबंधक और संबंधित पूर्व कलेक्शन ऑफिसर शिवशंकर उपाध्याय के खिलाफ सुसंगत धाराओं में धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और पुलिस टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है।

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सरकारी अस्पताल से मरीज ‘चोरी’ करने वाले दो निजी अस्पताल सील, मची खलबली

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  • दुद्धी में प्रशासन का बड़ा एक्शन: सरकारी अस्पताल से मरीज ‘चोरी’ करने वाले दो निजी अस्पताल सील, मची खलबली

सोनभद्र। सरकारी अस्पताल से मरीजों को बरगलाकर और बहला-फुसलाकर अपने यहां ले जाने वाले अवैध व मानकविहीन निजी अस्पतालों पर प्रशासन का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के कड़े निर्देश पर मंगलवार की देर शाम स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने दुद्धी कस्बा स्थित दो निजी अस्पतालों को सीज कर दिया।

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इसमें से एक अस्पताल का नाम हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से एक मरीज को चुपके से उठाकर ले जाने और इलाज के दौरान उसकी मौत हो जाने के बाद शव को वापस सरकारी अस्पताल के बेड पर लाकर लेटा देने के बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामले में सामने आया था। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध क्लीनिक और अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।

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नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार, एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव, सीएचसी अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने संयुक्त रूप से रामनगर स्थित एमके हॉस्पिटल और नेशनल हॉस्पिटल पर छापेमारी की। गहन निरीक्षण और अभिलेखों की जांच के बाद टीम ने दोनों अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।

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एसीएमओ डॉ. गुलाब शंकर यादव ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि जिले में अवैध रूप से संचालित निजी चिकित्सालयों के खिलाफ यह कार्रवाई जिलाधिकारी के सीधे आदेश पर की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमके हॉस्पिटल बीते दिनों एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से ही रडार पर था, जहां सीएचसी से मरीज को अनैतिक रूप से शिफ्ट किया गया था और मौत के बाद वापस लाकर छोड़ दिया गया। इस गंभीर मामले में पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।

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वहीं दूसरी ओर, सील किए गए नेशनल हॉस्पिटल के खिलाफ भी पूर्व में इसी तरह की गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इस अस्पताल के विरुद्ध भी पहले मुकदमा दर्ज कर इसके संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। जांच में सामने आए ताजा तथ्यों, पुराने आपराधिक प्रकरणों और नियमों के घोर उल्लंघन को आधार बनाते हुए दोनों अस्पतालों के खिलाफ यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि सोनभद्र जिले में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों, फर्जी डॉक्टरों और चिकित्सा मानकों का मखौल उड़ाने वाले संस्थानों के खिलाफ यह खोजी और दंडात्मक अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा। बिना वैध मान्यता, अपूर्ण प्रपत्रों या नियमों की अनदेखी कर जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा।

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ज्येष्ठ माह के आखिरी बड़े मंगलवार पर हनुमान जी का सजा दिव्य दरबार, सुंदरकांड पाठ और आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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  • ज्येष्ठ माह के आखिरी बड़े मंगलवार पर हनुमान जी का सजा दिव्य दरबार, सुंदरकांड पाठ और आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़


सोनभद्र। नगर के मध्य स्थित श्री राम जानकी संकट मोचन मंदिर में ज्येष्ठ माह के आठवें व आख़िरी बड़े मंगलवार को आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मंदिर के पुजारी राजकुमार पांडे के कुशल संयोजन में संकट मोचन हनुमान जी महाराज का अत्यंत आकर्षक, अलौकिक और भव्य श्रृंगार कर भोर में विशेष मंगला आरती की गई।

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बजरंगबली के इस मनोहारी रूप के दर्शन पाने के लिए तड़के से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आने का तांता लगा रहा, जिससे पूरा क्षेत्र ‘जय श्री राम’ और ‘जय बजरंगबली’ के गगनभेदी उद्घोष से दिनभर गुंजायमान रहा।

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इस पावन अवसर पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया। मंदिर परिसर में एकत्र हुए भक्तों द्वारा अत्यंत भावपूर्ण तरीके से सुंदरकांड का सस्वर पाठ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने संगीतमय चौपाइयों पर झूमते हुए पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके पश्चात, देर शाम ढलते ही संकट मोचन हनुमान जी की भव्य सांध्य कालीन महाआरती उतारी गई।

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महाआरती के दौरान भक्तों की भारी भीड़ मौजूद रही, जो झांझ-मंजीरों, डमरू और शंखध्वनि के बीच पवनपुत्र की भक्ति में पूरी तरह सराबोर नजर आई। आरती संपन्न होने के बाद प्रभु को छप्पन भोग लगाकर उपस्थित सभी भक्तों और राहगीरों के बीच भारी मात्रा में प्रसाद का वितरण किया गया।

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बड़े मंगलवार के पौराणिक व धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए पंडित राजकुमार पांडे ने बताया कि सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाले मंगलवार का एक अत्यंत विशिष्ट स्थान है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन महीने में त्रेतायुग के दौरान लंका दहन के बाद और प्रभु श्री राम से हनुमान जी की पहली दिव्य मुलाकात हुई थी,

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जिसके कारण इसे ‘बड़ा मंगलवार’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से भी पुकारा जाता है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र दिन पर जो भी श्रद्धालु पूरी निष्ठा, संयम और सच्चे मन से हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना, व्रत, कीर्तन और सुंदरकांड का पाठ करते हैं, बजरंगबली उनके जीवन के सभी विघ्न-बाधाओं और संकटों को तत्काल हर लेते हैं तथा उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।

इस पावन और भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से शिवा पाण्डेय, शिवम, केतन, हिमांशु, दादे, अभिषेक, राहुल, आत्माराम, अमरेश गुप्ता, देवानंद, अजय, अरुण, कन्हैया, मनीष, गोलू, राजा, मोनू, राजीव, प्रखर, अमन, अर्पित गुप्ता और राहुल ओझा सहित भारी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक, महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन: परिणय सूत्र में बंधे 60 जोड़े, जनप्रतिनिधियों ने दिया आशीर्वाद

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  • सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की धूम: परिणय सूत्र में बंधे 60 जोड़े, जनप्रतिनिधियों ने दिया आशीर्वाद

सोनभद्र। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत मंगलवार को विकास बैंकेट, मुसही (चुर्क रोड), रॉबर्ट्सगंज में एक भव्य और गरिमामयी सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 60 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे।

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समारोह में सर्वधर्म समभाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां 58 हिंदू एवं 2 मुस्लिम जोड़ों का निकाह व विवाह उनके धार्मिक रीति-रिवाजों और पारंपरिक पद्धतियों के अनुसार पूरी शुद्धता के साथ संपन्न कराया गया। पूरे आयोजन स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार, शहनाई की गूंज और मंगलगीतों का दिव्य वातावरण रहा, जिससे नवदंपत्तियों और उनके परिजनों के चेहरों पर नई जिंदगी की खुशियां साफ झलकती नजर आईं।

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इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद छोटेलाल खरवार, सदर विधायक भूपेश चौबे, ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत और नगर पालिका परिषद रॉबर्ट्सगंज की अध्यक्ष रूबी प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने सभी नवविवाहित जोड़ों के ऊपर पुष्प वर्षा कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया तथा उनके सुखद, समृद्ध और मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की।

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सामूहिक विवाह समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए जोड़ों ने सहभागिता की, जिसमें अकेले विकास खंड रॉबर्ट्सगंज के 32 जोड़े, चतरा के 13 जोड़े, नगवां के 5 जोड़े, नगर पालिका परिषद रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के 8 जोड़े तथा नगर पंचायत चुर्क के 2 जोड़े शामिल रहे। इस पूरे वृहद आयोजन को सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने में समाज कल्याण विभाग, विकास विभाग तथा पुलिस प्रशासन की टीम ने मुस्तैदी से अपनी भूमिका निभाई।

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योजना की बारीकियों की जानकारी देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को सरकार की तरफ से कुल एक लाख रुपये की वित्तीय व सामाजिक सुरक्षा सहायता दी जाती है। इस कुल बजट में से 64 हजार रुपये की मुख्य धनराशि सीधे कन्या के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सुरक्षित हस्तांतरित की जाती है,

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ताकि वह अपने भविष्य को सुदृढ़ कर सके। इसके अतिरिक्त, दाम्पत्य जीवन की शुरुआत के लिए 21 हजार रुपये मूल्य की जरूरी गृहस्थी और उपहार सामग्री जोड़ों को मौके पर ही भेंट की गई, जबकि शेष राशि विवाह के भव्य आयोजन, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर व्यय की जाती है।
वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्त और जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से मुस्तैद रहे।

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कार्यक्रम के समापन पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि शासन की मंशानुरूप जिले के अन्य सुदूर क्षेत्रों के गरीब परिवारों को लाभान्वित करने के लिए आगामी रूपरेखा तय कर ली गई है। इसी कड़ी में अब 24 जून को दुद्धी तथा 29 जून को शाहगंज में भी भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र और जरूरतमंद परिवारों को इस जनकल्याणकारी योजना का सीधा लाभ मिल सके।

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सोनभद्र में संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान के दूसरे चरण की रणनीति तैयार, CDO ने अंतरविभागीय बैठक में दिए कड़े निर्देश

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  • सोनभद्र में संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान के दूसरे चरण की रणनीति तैयार, सीडीओ ने अंतरविभागीय बैठक में दिए कड़े निर्देश

सोनभद्र। विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के द्वितीय चरण के सफल संचालन को लेकर मंगलवार, 23 जून 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय प्रथम अंतरविभागीय समन्वय बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य संचारी व संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के मध्य मजबूत समन्वय स्थापित कर धरातल पर अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करना था।

बैठक का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया गया, जिसके बाद वीबीडी कंसल्टेंट ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की नई गाइडलाइन और जिले की विस्तृत कार्ययोजना के बारे में उपस्थित अधिकारियों को जागरूक किया। इस अंतरविभागीय बैठक में ग्राम विकास, नगर पालिका, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पशुपालन, कृषि, बाल विकास एवं पुष्टाहार, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े मानकों को पूरा करने के लिए सभी विभागों की जवाबदेही तय की। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि परिषदीय व निजी विद्यालयों में प्रतिदिन सुबह प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को संक्रामक रोगों से बचाव, हाथ धोने की सही विधि तथा पूरी आस्तीन की यूनिफॉर्म पहनने के प्रति अनिवार्य रूप से जागरूक किया जाए।

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इसके साथ ही स्कूलों में हैंडवॉश की उपलब्धता, मिड-डे मील किचन की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता व स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के निर्देश दिए गए ताकि बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना जगे।

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नगरीय क्षेत्रों की कमान संभाल रहे समस्त अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को निर्देशित किया गया कि वे मानसून और जलभराव को देखते हुए शहरों में साफ-सफाई, जल निकासी और कचरा निस्तारण की पुख्ता व्यवस्था करें। उन्होंने साप्ताहिक रूट चार्ट बनाकर एंटी-लार्वल छिड़काव और फॉगिंग कराने तथा उसकी लाइव फोटो ‘संचारी रोग नियंत्रण’ व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करने के निर्देश दिए।

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ग्रामीण अंचलों में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए ग्राम विकास विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई। सीडीओ ने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए और माइक्रोप्लान के अनुसार ही अभियान की दैनिक गतिविधियां संचालित हों। प्रत्येक ग्राम पंचायत में चिन्हित सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई हो और ग्राम प्रधानों के माध्यम से गोष्ठियां आयोजित कर ग्रामीणों को जागरूक किया जाए।

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वहीं दूसरी ओर, पशुपालन और कृषि विभाग को स्क्रब टाइफस एवं लैप्टोस्पायरोसिस जैसे जानलेवा रोगों की रोकथाम हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया, जबकि खाद्य सुरक्षा विभाग को मानसून के दौरान बाजारों में बिकने वाले कटे-फटे फलों और मानकविहीन खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की हिदायत दी गई।

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एक अनूठी पहल के तहत उद्यान विभाग को निर्देशित किया गया कि मच्छरों को दूर भगाने वाले औषधीय पौधों जैसे तुलसी, लेमनग्रास, पुदीना और गेंदा आदि का रोपण प्रमुख सरकारी कार्यालय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर कराया जाए। बैठक के अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए आपसी समन्वय से अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने की अपील की।

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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस को लेकर भाजपा की रणनीति तैयार

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  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस को लेकर भाजपा की रणनीति तैयार, विधायक ने पदाधिकारियों को किया सम्मानित

सोनभद्र।  डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में भारतीय जनता पार्टी की एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम एवं योजना बैठक का आयोजन किया गया। इस विशेष बैठक की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने की। बैठक के दौरान बलिदान दिवस के अवसर पर जनपद में आयोजित होने वाले विभिन्न श्रद्धाजंलि व रचनात्मक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई और संगठनात्मक मजबूती को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इस अवसर पर सदर विधायक भूपेश चौबे मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम के दौरान सदर विधायक भूपेश चौबे ने विधानसभा 401 के अंतर्गत आने वाले सभी मंडल अध्यक्षों, मंडल महामंत्रियों एवं जिला पदाधिकारियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के संगठन के प्रति समर्पण एवं निस्वार्थ योगदान की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रखर विचारों, अटूट राष्ट्रवाद और जनसेवा के उच्च आदर्शों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का मुख्य कर्तव्य है।

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अपने अध्यक्षीय संबोधन में जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सर्वोच्च बलिदान देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए हुआ था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके राष्ट्रहित से जुड़े विचार एवं सिद्धांत आज भी हम सबको देश सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

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बैठक के अंत में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं ऊर्जावान कार्यकर्ताओं ने आगामी बलिदान दिवस कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक पूरी तरह सफल और प्रभावी बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही सभी ने संगठन की मजबूती और विस्तार के लिए निरंतर धरातल पर कार्य करने का विश्वास व्यक्त किया।

इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद, जिला महामंत्री संतोष शुक्ला, मनोज सोनकर, ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह, चोपन के पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंशीधर, जिला उपाध्यक्ष शंभुनारायण, अनिल सिंह, अनूप तिवारी, अनुपम तिवारी, अमन मौर्य, रजनीश रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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जिले के नगरीय निकायों में ‘संभव’ समाधान दिवस पर उमड़े फरियादी, 23 समस्याओं का मौके पर निस्तारण

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  • नगरीय निकायों में ‘संभव’ समाधान दिवस पर उमड़े फरियादी, 23 समस्याओं का मौके पर निस्तारण, लापरवाही बरतने पर कड़े रुख के संके

सोनभद्र।   उत्तर प्रदेश शासन की जन-हितैषी प्राथमिकताओं के अनुरूप आम जनमानस की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सोमवार को नगर पालिका परिषद सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज) में ‘संभव’ समाधान दिवस के अंतर्गत विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रूबी प्रसाद तथा अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार ने संयुक्त रूप से की।

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जनसुनवाई के दौरान जनपद के विभिन्न नगरीय निकायों से कुल 23 गंभीर शिकायतें पंजीकृत की गईं। प्राप्त प्रार्थना पत्र मुख्य रूप से नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई की लचर व्यवस्था, भीषण गर्मी के बीच पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों (मार्ग प्रकाश) को चालू कराने तथा अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से संबंधित थे। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने जनसमस्याओं को संवेदनशीलता से सुनते हुए अधिकांश मामलों का ऑन-स्पॉट निस्तारण कराया, जबकि जटिल मामलों में त्वरित विधिक व प्रशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी किए।

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समाधान दिवस की प्रगति और प्राप्त शिकायतों का निकाय-वार विस्तृत विवरण साझा करते हुए अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान नगर पालिका परिषद सोनभद्र में 2, नगर पंचायत चुर्क-घुर्मा में 3, चोपन में 5, ओबरा में 4, पिपरी में 3, दुद्धी में 3, डाला बाजार में 1 तथा अनपरा में 2 शिकायतें दर्ज कराई गईं। वहीं दूसरी ओर, नगर पंचायत घोरावल एवं रेनुकूट में इस बार जनसुनवाई के दौरान एक भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई।

अधिशासी अधिकारी ने बैठक में उपस्थित विभिन्न निकायों के अधिकारियों और पटल प्रभारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि आम जनता की जायज समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और स्थायी समाधान करना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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उन्होंने दो टूक कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में जनसुविधाओं, विशेषकर पेयजल और स्वच्छता को लेकर किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही, टालमटोल या शिथिलता को अक्षम्य माना जाएगा और संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के विरुद्ध तत्काल कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान विभिन्न नगर निकायों के सम्मानित जनप्रतिनिधि, वार्ड सदस्य, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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आरसेटी प्रशिक्षण का हो व्यापक प्रचार-प्रसार, बंदियों और विशेष समूहों को भी मिलेगा कौशल विकास का मौका: DM

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  • आरसेटी प्रशिक्षण का हो व्यापक प्रचार-प्रसार, बंदियों और विशेष समूहों को भी मिलेगा कौशल विकास का मौका: जिलाधिकारी

सोनभद्र।  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति (डीएलआरएस) की वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम बैठक एवं समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

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उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आरसेटी के माध्यम से संचालित होने वाले सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का जमीनी स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के अधिक से अधिक युवा इन योजनाओं की जानकारी पाकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें और रोजगार के नए अवसरों से जुड़ सकें।

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इसके साथ ही उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्देश दिया कि आरसेटी में संचालित होने वाले सभी बैचों की प्रतिदिन की फोटोग्राफी कराई जाए और प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति का पूरा विवरण सुरक्षित रखा जाए। पोस्ट प्रोग्राम रिपोर्ट (पीपीआर) में सभी प्रशिक्षणार्थियों के मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए, जिससे प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी युवाओं की प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके।

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जिलाधिकारी ने युवाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर जोर देते हुए कहा कि आरसेटी से प्रशिक्षित युवाओं को ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना के तहत आवेदन करने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया जाए। उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार और उद्यमिता योजनाओं की बारीकी से जानकारी दी जाए, जिससे वे अपने खुद के उद्योग स्थापित कर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें। उन्होंने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि जो युवा प्रशिक्षण पाकर सफल उद्यमी बन चुके हैं, उनकी ‘सफलता की कहानियां’ (सक्सेस स्टोरीज) तैयार की जाएं।

इन कहानियों का फोटो और वीडियो दस्तावेजीकरण (Documentation) किया जाए, ताकि इसे देखकर अन्य बेरोजगार युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले। बैठक में एक और बेहद संवेदनशील और सुधारात्मक कदम उठाते हुए जिलाधिकारी ने एनआरएलएम के सहयोग से जिला जेल के बंदियों और अन्य विशेष समूहों के लिए भी कौशल विकास व रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

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साथ ही ‘वन जीपी-वन बीसी’ (एक ग्राम पंचायत-एक बैंक सखी) प्रशिक्षण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आगामी सभी प्रशिक्षणों की सूचना समय से संबंधित विभागों को भेजने के निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में डीसी एनआरएलएम सरिता सिंह, जीएम डीआईसी विनोद कुमार चौधरी, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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बिहार ले जाई जा रही 539.5 लीटर अवैध बीयर बरामद, स्कॉर्पियो के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

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  • बिहार ले जाई जा रही 539.5 लीटर अवैध बीयर बरामद, स्कॉर्पियो के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

सोनभद्र।  अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सोनभद्र पुलिस द्वारा चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत पिपरी थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो लग्जरी वाहन के जरिए भारी मात्रा में अवैध बीयर की खेप बिहार ले जाने की फिराक में था।

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यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के कुशल पर्यवेक्षण में अंजाम दी गई। पुलिस ने मौके से तस्करी में प्रयुक्त झारखंड नंबर की एक महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी और एक मोबाइल फोन जब्त करने के साथ ही वाहन से कुल 45 पेटी किंगफिशर एक्स्ट्रा स्ट्रॉन्ग प्रीमियम बीयर बरामद की है। बरामद की गई कुल 1079 केन बीयर की मात्रा लगभग 539.5 लीटर आंकी गई है।

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घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि सोमवार, 22 जून 2026 को पिपरी थाने के थानाध्यक्ष राजेश जी चौबे के नेतृत्व में उपनिरीक्षक जितेंद्र सरोज (चौकी प्रभारी रेनुकूट) और उपनिरीक्षक रविशंकर पाठक अपनी टीम के साथ रनटोला क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से एक पुख्ता सूचना मिली कि मुर्धवा तिराहे से रनटोला जाने वाले मार्ग पर एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी है, जिसमें भारी मात्रा में अवैध माल लदा है और उसका चालक कहीं निकलने की तैयारी में है।

सूचना को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके2 पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस बल को अपनी ओर आता देख वाहन चालक ने गाड़ी छोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। जब वाहन की गहन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से भारी मात्रा में किंगफिशर बीयर की पेटियां बरामद हुईं, जिसके संबंध में चालक कोई भी वैध कागजात या लाइसेंस पेश नहीं कर सका।

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पकड़े गए अभियुक्त की पहचान 24 वर्षीय धर्मपाल कुमार पुत्र कृष्णा पासवान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के रोहतास जनपद अंतर्गत दिनारा थाने के कोरी बलिया का रहने वाला है। पुलिस की कड़ी पूछताछ में अभियुक्त ने कुबूल किया कि वह बीयर की इस बड़ी खेप को मध्य प्रदेश के बैढ़न क्षेत्र से लोड करके बिहार ले जा रहा था। उसने बताया कि बिहार राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण वहां ऊंचे दामों पर बीयर और शराब की भारी मांग रहती है,

जिसका फायदा उठाकर वह अवैध बिक्री के जरिए कम समय में मोटा मुनाफा कमाना चाहता था। पिपरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त के खिलाफ आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई महिंद्रा स्कॉर्पियो कार (संख्या JH06G3317) को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है। आरोपी को आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया है। इस कामयाबी को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से हेड कांस्टेबल शिवबदन राम, शंकरलाल और शेषनाथ पाण्डेय शामिल रहे।

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जड़ी-बूटियों की आड़ में उड़ीसा से यूपी लाए जा रहे गांजा की बड़ी खेप बरामद, सोनभद्र पुलिस और एएनटीएफ ने अंतराज्यीय गिरोह के 6 तस्कर दबोचे

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  • जड़ी-बूटियों की आड़ में उड़ीसा से यूपी लाए जा रहे गांजा की बड़ी खेप बरामद, सोनभद्र पुलिस और एएनटीएफ ने अंतराज्यीय गिरोह के 6 तस्कर दबोचे

सोनभद्र।  जनपद की रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) लखनऊ की संयुक्त टीम ने नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त टीम ने उड़ीसा से तस्करी कर लाया जा रहा 8 कुंतल 684 ग्राम अवैध गांजा बरामद कर गिरोह के 6 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

बरामद गांजे, एक डीसीएम ट्रक, एक सियाज कार, 6 एंड्रॉयड फोन, 2 आईफोन और नकदी सहित कुल पकड़े गए माल की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 16 लाख रुपये आंकी गई है। इस बड़ी कामयाबी की विस्तृत जानकारी पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के सामने रखी।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि यह सफलता पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज के नेतृत्व वाली टीम को मिली है। उन्होंने बताया कि 21 और 22 जून की रात को एएनटीएफ लखनऊ यूनिट को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि उड़ीसा से भारी मात्रा में गांजा एक डीसीएम ट्रक में लादकर उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है, जिसकी रेकी तस्कर एक कार से आगे-चलकर कर रहे हैं।

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इस सटीक सूचना पर एएनटीएफ लखनऊ और थाना रॉबर्ट्सगंज की सुकृत पुलिस चौकी की संयुक्त टीम ने चहेलवा बैजू बाबा मंदिर के पास घेराबंदी की। टीम ने घेराबंदी कर मौके से एक सियाज कार और एक डीसीएम ट्रक को रोक लिया। जब डीसीएम की गहनता से तलाशी ली गई, तो उसमें जड़ी-बूटियों की बोरियों के नीचे छिपाकर रखा गया 8 कुंतल 684 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। बाजार में इस गांजे की कीमत ही करीब 80 लाख 60 हजार रुपये है।

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पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि मौके से गिरफ्तार तस्करों की पहचान अंकित सिंह, रोहित कुमार सिंह, सोहित सिंह, देवेन्द्र सिंह और सिद्धार्थ सिंह (सभी निवासी जनपद सुल्तानपुर) तथा सूरज कुमार (निवासी जनपद अमेठी) के रूप में हुई है। पूछताछ में तस्करों ने कुबूल किया कि वे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह के रूप में काम करते हैं।

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वे उड़ीसा के बलांगीर क्षेत्र से इस खेप को महज 20 लाख रुपये में खरीदकर लाए थे और इसे सुल्तानपुर, सीतापुर तथा उसके आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करने वाले थे। पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए उन्होंने ट्रक में जड़ी-बूटियां लाद रखी थीं ताकि जरूरत पड़ने पर उसके वैध कागजात दिखाकर पुलिस को गुमराह किया जा सके। इसके अलावा, गिरोह का मुख्य सरगना रोहित कुमार सिंह और अंकित सिंह कार के जरिए आगे चलकर पुलिस चेकिंग की रेकी कर रहे थे।

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तस्करों ने बताया कि यह पूरी खेप सीतापुर निवासी अतुल सिंह को पहुंचाई जानी थी और उड़ीसा में गांजा सप्लाई करने वाले मुख्य डीलर को वे सिर्फ “दादा” नाम से जानते हैं, जिससे वे केवल व्हाट्सएप के जरिए जुड़े थे। पकड़ में न आने के लिए ये लोग लगातार अपने मोबाइल और सिम कार्ड बदलते रहते थे।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की भी जानकारी दी गई कि पकड़े गए अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है। अभियुक्त सूरज कुमार के खिलाफ सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ और झांसी में हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर अपराधों के 14 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं मुख्य सरगना रोहित कुमार सिंह के खिलाफ हत्या सहित 4 और अंकित सिंह के खिलाफ 2 मुकदमे दर्ज हैं।

इस पूरी कामयाबी को अंजाम देने वाली टीम में रॉबर्ट्सगंज के प्रभारी निरीक्षक रामस्वरुप वर्मा, एएनटीएफ लखनऊ के उप निरीक्षक पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार सिंह, संगम पटेल, खालिद खां, राजेश कुमार यादव, आरक्षी राजन कुमार के साथ ही सुकृत चौकी प्रभारी मानवेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी भरत यादव, आरक्षी राम प्रताप सिंह और सुनील कुमार शामिल रहे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रॉबर्ट्सगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है और गिरोह के बाकी नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।

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